कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस कृत्रिम बुद्धिमत्ता की एक शाखा है जो अनुकूली, स्व-संगठित प्रणालियों के डिज़ाइन और अध्ययन से संबंधित है, जो सीखने, विकास या फ़ज़ी तर्क के माध्यम से समस्याओं को हल करती हैं। शास्त्रीय प्रतीकात्मक AI के विपरीत, जो स्पष्ट नियमों और तर्क पर निर्भर करता है, कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस जैविक या भौतिक प्रक्रियाओं से प्रेरित तंत्रों पर जोर देती है, जैसे तंत्रिका नेटवर्क, विकासवादी एल्गोरिदम और फ़ज़ी लॉजिक। यह क्षेत्र 1990 के दशक की शुरुआत में एक विशिष्ट शोध क्षेत्र के रूप में उभरा, जब IEEE ने 1991 में न्यूरल नेटवर्क्स काउंसिल की स्थापना की, जिसे बाद में 2001 में IEEE कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस सोसाइटी का नाम दिया गया।
यह शब्द तब प्रचलित हुआ जब शोधकर्ताओं ने तंत्रिका नेटवर्क, फ़ज़ी सिस्टम और विकासवादी गणना पर काम को एक सामान्य ढांचे के तहत एकीकृत करने का प्रयास किया। ये तीन स्तंभ मजबूती, अनुकूलनशीलता और अनिश्चितता या अपूर्ण जानकारी को संभालने की क्षमता पर साझा ध्यान केंद्रित करते हैं। कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस विधियों की तुलना अक्सर पारंपरिक एल्गोरिदमिक दृष्टिकोणों से की जाती है क्योंकि उन्हें समस्या की संरचना के पूर्व ज्ञान की आवश्यकता नहीं होती; इसके बजाय, वे डेटा से सीखते हैं या पुनरावृत्त रूप से समाधान स्थानों की खोज करते हैं।
मुख्य प्रतिमान
पहला प्रमुख प्रतिमान कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क है, जो जैविक मस्तिष्क की संरचना से प्रेरित कम्प्यूटेशनल मॉडल हैं। ये नेटवर्क परस्पर जुड़े नोड्स (न्यूरॉन्स) से बने होते हैं जो भारित कनेक्शन के माध्यम से जानकारी संसाधित करते हैं। प्रशिक्षण इन भारों को बैकप्रोपेगेशन जैसे एल्गोरिदम का उपयोग करके समायोजित करता है, जिसे बर्नार्ड विड्रो और अन्य ने 1960 के दशक में लोकप्रिय बनाया और 1980 के दशक में परिष्कृत किया। आधुनिक डीप लर्निंग, मशीन लर्निंग की एक उपशाखा, बहु-परत तंत्रिका नेटवर्क पर निर्भर करती है और छवि पहचान, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण और खेल खेलने में प्रगति को बढ़ावा दिया है।
दूसरा प्रतिमान विकासवादी गणना है, जिसमें आनुवंशिक एल्गोरिदम, विकासवादी रणनीतियाँ और आनुवंशिक प्रोग्रामिंग शामिल हैं। ये विधियाँ उम्मीदवार समाधानों की आबादी बनाए रखकर, उत्परिवर्तन और क्रॉसओवर जैसे ऑपरेटरों को लागू करके, और फिटनेस फ़ंक्शन के आधार पर उत्तरजीवियों का चयन करके प्राकृतिक चयन की नकल करती हैं। 1960 और 1970 के दशक में जॉन हॉलैंड और इंगो रेचेनबर्ग जैसे शोधकर्ताओं के अग्रणी कार्य ने नींव रखी, और तब से यह क्षेत्र इंजीनियरिंग, वित्त और लॉजिस्टिक्स में अनुकूलन समस्याओं पर लागू किया गया है।
तीसरा प्रतिमान फ़ज़ी लॉजिक है, जिसे 1965 में लोटफी ज़ादेह ने पेश किया। फ़ज़ी सिस्टम सदस्यता फ़ंक्शन का उपयोग करते हैं जो 0 और 1 के बीच आंशिक सत्य मानों की अनुमति देते हैं, जिससे अस्पष्ट या धुंधले डेटा के साथ तर्क संभव होता है। इनका व्यापक रूप से नियंत्रण प्रणालियों में उपयोग किया जाता है, जैसे घरेलू उपकरणों और औद्योगिक प्रक्रियाओं में, जहाँ वे सहज, मानव-समान निर्णय लेने की सुविधा प्रदान करते हैं।
मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग से संबंध
कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस मशीन लर्निंग के साथ काफी हद तक ओवरलैप करती है, लेकिन दोनों पर्यायवाची नहीं हैं। मशीन लर्निंग उन एल्गोरिदम पर केंद्रित है जो अनुभव के साथ सुधरते हैं, अक्सर सांख्यिकीय विधियों का उपयोग करते हुए। इसके विपरीत, कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस जैविक या भौतिक रूप से प्रेरित तंत्रों पर अधिक जोर देती है और अक्सर गैर-ग्रेडिएंट-आधारित अनुकूलन शामिल करती है। डीप लर्निंग, मशीन लर्निंग का एक उपसमुच्चय जो बहु-परत तंत्रिका नेटवर्क का उपयोग करता है, 2010 के दशक से कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस के भीतर एक प्रमुख शक्ति बन गया है, जो हार्डवेयर में प्रगति और बड़े डेटासेट की उपलब्धता से प्रेरित है।
डीप लर्निंग में प्रमुख नवाचारों में ट्रांसफॉर्मर आर्किटेक्चर शामिल है, जिसे 2017 के पेपर "Attention Is All You Need" में जैकब उस्ज़कोरिट, लुकाज़ कैसर और निकी पार्मर सहित शोधकर्ताओं ने पेश किया। ट्रांसफॉर्मर अनुक्रमों को संसाधित करने के लिए मल्टी-हेड अटेंशन और पोज़िशनल एन्कोडिंग पर निर्भर करते हैं, जिससे बड़े भाषा मॉडल का विकास संभव हुआ, जैसे कि OpenAI, Anthropic और Google DeepMind द्वारा बनाए गए। इन मॉडलों ने प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण और जनरेटिव AI को बदल दिया है, लेकिन वे कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस तकनीकों का केवल एक उपसमुच्चय प्रस्तुत करते हैं।
अनुप्रयोग और प्रभाव
कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस विधियाँ विभिन्न उद्योगों में तैनात की जाती हैं। रोबोटिक्स में, Waymo और Tesla Autopilot स्वायत्त वाहनों में धारणा और निर्णय लेने के लिए तंत्रिका नेटवर्क का उपयोग करते हैं। स्वास्थ्य सेवा में, Intuitive Surgical सर्जिकल रोबोट में मशीन लर्निंग को एकीकृत करता है, और Commure नैदानिक कार्यप्रवाहों में AI लागू करता है। वित्तीय संस्थान पोर्टफोलियो अनुकूलन और जोखिम मूल्यांकन के लिए विकासवादी एल्गोरिदम का उपयोग करते हैं। Amazon Web Services और Microsoft Azure क्लाउड-आधारित AI सेवाएँ प्रदान करते हैं जो कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस तकनीकों पर निर्भर करती हैं, जिसमें AWS Trainium चिप्स जैसे विशेष हार्डवेयर शामिल हैं।
हार्डवेयर क्षेत्र में, AMD, Intel, NVIDIA और Qualcomm जैसी कंपनियाँ तंत्रिका नेटवर्क अनुमान और प्रशिक्षण के लिए अनुकूलित प्रोसेसर डिज़ाइन करती हैं। TSMC इन अनुप्रयोगों के लिए उन्नत चिप्स का निर्माण करता है, जबकि Groq और SambaNova विशेष एक्सेलेरेटर विकसित करते हैं। MIT CSAIL, Stanford AI Lab और Berkeley AI Research जैसे शोध संस्थान मौलिक कार्य में योगदान करते हैं, और Nokia Bell Labs और Xerox PARC का प्रारंभिक AI और कंप्यूटिंग में ऐतिहासिक महत्व है।
चुनौतियाँ और भविष्य की दिशाएँ
सफलताओं के बावजूद, कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। तंत्रिका नेटवर्क अक्सर अपारदर्शी होते हैं, जिससे व्याख्या और पूर्वाग्रह के बारे में चिंताएँ उत्पन्न होती हैं। मेलानी मिशेल और जोशुआ टेनेनबाम जैसे शोधकर्ता अधिक मजबूत और मानव-समान सीखने के तंत्र की वकालत करते हैं। अलेक्जेंडर मैड्री प्रतिकूल मजबूती का अध्ययन करते हैं, जबकि अनिमा आनंदकुमार स्केलेबल और कुशल एल्गोरिदम पर काम करती हैं। यह क्षेत्र ऊर्जा खपत से भी जूझता है, जिससे न्यूरोमॉर्फिक कंप्यूटिंग और मॉडल प्रूनिंग तकनीकों में रुचि बढ़ी है।
भविष्य की दिशाओं में हाइब्रिड सिस्टम शामिल हैं जो तंत्रिका नेटवर्क को प्रतीकात्मक तर्क के साथ जोड़ते हैं, जैसा कि ब्रेंडन लेक और राफेल कैल्वो द्वारा खोजा गया है। D-Wave और अन्य क्वांटम कंप्यूटिंग कंपनियाँ क्वांटम-प्रेरित अनुकूलन की जाँच करती हैं, जो विकासवादी एल्गोरिदम को बढ़ा सकती हैं। जैसे-जैसे कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस विकसित होती रहती है, इसकी विधियाँ रोज़मर्रा की तकनीक में और अधिक एकीकृत होने की संभावना है, स्मार्टफोन से लेकर क्लाउड सेवाओं तक।
यह भी देखें
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता
- मशीन लर्निंग
- तंत्रिका नेटवर्क
- विकासवादी एल्गोरिदम (सूची में नहीं, लेकिन संबंधित)
संदर्भ
- IEEE कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस सोसाइटी का इतिहास
- Zadeh, L. (1965). Fuzzy sets. Information and Control.
- Vaswani, A. et al. (2017). Attention Is All You Need.