कोब्बी निसिम एक कंप्यूटर वैज्ञानिक हैं, जो डिफरेंशियल प्राइवेसी के क्षेत्र में मौलिक योगदान के लिए जाने जाते हैं - यह एक गणितीय ढांचा है जो सांख्यिकीय डेटासेट के विश्लेषण को सक्षम बनाता है, साथ ही व्यक्तिगत रिकॉर्ड की पहचान के खिलाफ मजबूत गारंटी प्रदान करता है। वे जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान विभाग में प्रोफेसर हैं, जहाँ वे जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय लॉ सेंटर और मैसिव डेटा इंस्टीट्यूट से भी संबद्ध हैं। उनका शोध गोपनीयता, क्रिप्टोग्राफी और डेटा सुरक्षा के क्षेत्रों में फैला हुआ है, जिसमें निजी डेटा विश्लेषण के सैद्धांतिक आधारों और व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर विशेष ध्यान केंद्रित है।
निसिम का काम यह आकार देने में सहायक रहा है कि संगठन, तकनीकी कंपनियों से लेकर सरकारी एजेंसियों तक, संवेदनशील डेटा को कैसे संभालते हैं। सिंथिया ड्वर्क और अन्य के साथ उनका प्रारंभिक सहयोग डिफरेंशियल प्राइवेसी की नींव रखता है, जो तब से शैक्षणिक अनुसंधान और उद्योग अभ्यास दोनों में एक मानक बन गया है। वे गोपनीयता-संरक्षण प्रौद्योगिकियों की सीमाओं और विस्तारों की जांच करना जारी रखते हैं, जिसमें मशीन लर्निंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ उनकी परस्पर क्रिया शामिल है।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
निसिम ने हिब्रू विश्वविद्यालय, जेरूसलम से गणित और कंप्यूटर विज्ञान में स्नातक अध्ययन पूरा किया। इसके बाद उन्होंने वीज़मैन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस में स्नातकोत्तर अध्ययन किया, जहाँ उन्होंने कंप्यूटर विज्ञान में पीएच.डी. प्राप्त की। शाफी गोल्डवासर के पर्यवेक्षण में किया गया उनका डॉक्टरेट शोध, क्रिप्टोग्राफी और कम्प्यूटेशनल जटिलता पर केंद्रित था, जिसने गोपनीयता पर उनके बाद के काम के लिए एक मजबूत सैद्धांतिक आधार प्रदान किया।
वीज़मैन इंस्टीट्यूट में अपने समय के दौरान, निसिम डेटा उपयोगिता और व्यक्तिगत गोपनीयता के बीच सामंजस्य स्थापित करने की चुनौती में रुचि लेने लगे, एक ऐसी समस्या जो बड़े पैमाने पर डेटा संग्रह के उदय के साथ प्रमुखता प्राप्त कर रही थी। उनके शैक्षणिक प्रशिक्षण ने कठोर प्रमाण-आधारित विधियों पर जोर दिया, जो औपचारिक गोपनीयता गारंटी विकसित करने में आवश्यक साबित होंगे।
डिफरेंशियल प्राइवेसी और प्रमुख योगदान
2006 में, निसिम ने सिंथिया ड्वर्क, फ्रैंक मैकशेरी और एडम स्मिथ के साथ मिलकर एक मौलिक पेपर प्रकाशित किया जिसमें डिफरेंशियल प्राइवेसी पेश की गई। इस कार्य ने एक परिभाषा को औपचारिक रूप दिया जो सुनिश्चित करती है कि एक सांख्यिकीय क्वेरी का आउटपुट यह प्रकट नहीं करता है कि किसी एक व्यक्ति का डेटा डेटासेट में शामिल था या नहीं। यह ढांचा एक मापनीय गोपनीयता बजट प्रदान करता है, जिसे अक्सर एप्सिलॉन द्वारा दर्शाया जाता है, जो अंतिम परिणाम पर किसी एक रिकॉर्ड के प्रभाव को सीमित करता है।
निसिम के विशिष्ट योगदानों में डिफरेंशियल प्राइवेसी प्राप्त करने के लिए तंत्रों का विकास शामिल है, जैसे कि लाप्लास तंत्र, जो क्वेरी परिणामों में कैलिब्रेटेड शोर जोड़ता है। उन्होंने गोपनीयता-उपयोगिता ट्रेडऑफ़ की अवधारणा का भी पता लगाया, यह प्रदर्शित करते हुए कि गोपनीयता गारंटी बनाए रखते हुए विश्लेषणों की सटीकता को कैसे अनुकूलित किया जाए। उनका बाद का काम डिफरेंशियल प्राइवेसी को अधिक जटिल सेटिंग्स तक विस्तारित करता है, जिसमें इंटरैक्टिव क्वेरी और वितरित डेटा शामिल हैं।
मौलिक परिभाषा से परे, निसिम ने डिफरेंशियल प्राइवेसी और अन्य गोपनीयता धारणाओं, जैसे कि k-अनामीकरण और l-विविधता, के बीच संबंध की जांच की है, यह दिखाते हुए कि ये अवधारणाएँ कैसे संबंधित हैं और वे कहाँ कम पड़ती हैं। उनके शोध ने मशीन लर्निंग में डिफरेंशियल प्राइवेसी के अनुप्रयोग को भी संबोधित किया है, यह पता लगाते हुए कि प्रशिक्षण डेटा के बारे में जानकारी लीक किए बिना मॉडल को कैसे प्रशिक्षित किया जाए।
शैक्षणिक करियर और पद
अपनी पीएच.डी. पूरी करने के बाद, निसिम ने कई संस्थानों में शोध पदों पर कार्य किया, जिनमें वीज़मैन इंस्टीट्यूट और माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च शामिल हैं। बाद में वे इज़राइल में बेन-गुरियन यूनिवर्सिटी ऑफ द नेगेव के संकाय में शामिल हुए, जहाँ वे कंप्यूटर विज्ञान विभाग में प्रोफेसर थे। इस अवधि के दौरान, उन्होंने प्रभावशाली पेपर प्रकाशित करना और उन छात्रों को मार्गदर्शन देना जारी रखा जो गोपनीयता अनुसंधान में अपना स्वयं का योगदान करने के लिए आगे बढ़ेंगे।
2016 में, निसिम जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय चले गए, जहाँ वे कंप्यूटर विज्ञान विभाग में प्रोफेसर बने। उनका अंतःविषय दृष्टिकोण कानूनी विद्वानों और नीति विशेषज्ञों के साथ सहयोग की ओर ले गया है, जो कानून और विनियमन के लिए गोपनीयता प्रौद्योगिकियों के निहितार्थों की जांच करता है। वे वास्तविक दुनिया की प्रणालियों में डिफरेंशियल प्राइवेसी को लागू करने के उद्देश्य से परियोजनाओं में भी शामिल रहे हैं, जैसे कि 2020 की जनगणना के लिए अमेरिकी जनगणना ब्यूरो द्वारा इस ढांचे का उपयोग।
पुरस्कार और मान्यता
निसिम के योगदान को कई सम्मानों से मान्यता दी गई है। वे ACM SIGKDD टेस्ट ऑफ टाइम अवार्ड के प्राप्तकर्ता हैं, जिसने डिफरेंशियल प्राइवेसी पर उनके काम के स्थायी प्रभाव को स्वीकार किया। उन्हें गोपनीयता और क्रिप्टोग्राफी में उनके योगदान के लिए एसोसिएशन फॉर कंप्यूटिंग मशीनरी (ACM) का फेलो भी नामित किया गया है।
उनके शोध को नेशनल साइंस फाउंडेशन और अन्य एजेंसियों से अनुदान द्वारा समर्थित किया गया है, जो शिक्षा और सार्वजनिक नीति दोनों के लिए उनके काम के महत्व को दर्शाता है। उन्हें अंतर्राष्ट्रीय क्रिप्टोलॉजी सम्मेलन और कंप्यूटर विज्ञान की नींव पर संगोष्ठी सहित प्रमुख सम्मेलनों में बोलने के लिए अक्सर आमंत्रित किया जाता है।
वर्तमान शोध और प्रभाव
जॉर्जटाउन में, निसिम गोपनीयता-संरक्षण डेटा विश्लेषण पर केंद्रित एक शोध समूह का नेतृत्व करते हैं। उनकी हालिया परियोजनाओं में निजी सिंथेटिक डेटा जनरेशन के तरीकों का विकास शामिल है, जो शोधकर्ताओं को व्यक्तिगत रिकॉर्ड उजागर किए बिना वास्तविक डेटा के सांख्यिकीय गुणों की नकल करने वाले कृत्रिम डेटासेट बनाने की अनुमति देता है। वे Machine learning और Artificial intelligence में डिफरेंशियल प्राइवेसी के उपयोग की भी खोज कर रहे हैं, विशेष रूप से Large language model प्रशिक्षण के संदर्भ में, जहाँ गोपनीयता संबंधी चिंताएँ तेजी से प्रमुख हो रही हैं।
निसिम के काम ने डेटा संरक्षण के आसपास नीति चर्चाओं को प्रभावित किया है, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप में गोपनीयता विनियमों का विकास शामिल है। उन्होंने सरकारी निकायों के समक्ष गवाही दी है और डेटा के नैतिक उपयोग पर रिपोर्टों में योगदान दिया है। उनका चल रहा शोध गोपनीयता गारंटी को अधिक सुलभ और व्यावहारिक बनाने का लक्ष्य रखता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि डेटा-संचालित नवाचार के लाभ व्यक्तिगत अधिकारों की कीमत पर न आएं।
चयनित प्रकाशन
निसिम के सबसे अधिक उद्धृत कार्यों में "कैलिब्रेटिंग नॉइज़ टू सेंसिटिविटी इन प्राइवेट डेटा एनालिसिस" (2006) और "डिफरेंशियल प्राइवेसी: ए सर्वे ऑफ रिजल्ट्स" (2008) शामिल हैं, दोनों सहयोगियों के साथ सह-लेखित हैं। उनका पेपर "ए कॉग्निटिव अप्रोच टू डिफरेंशियल प्राइवेसी" (2010) ने इस बारे में नए दृष्टिकोण पेश किए कि व्यक्ति गोपनीयता जोखिमों को कैसे समझते हैं। उन्होंने सोशल नेटवर्क और स्थान डेटा पर गोपनीयता तकनीकों के अनुप्रयोग पर भी व्यापक रूप से प्रकाशित किया है।
यह भी देखें
संदर्भ
निसिम की जीवनी और प्रकाशन सूची जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में उनके शैक्षणिक प्रोफ़ाइल के माध्यम से उपलब्ध है। उनका काम गोपनीयता और क्रिप्टोग्राफी साहित्य में व्यापक रूप से उद्धृत है, उनके प्रमुख पेपरों में 20,000 से अधिक उद्धरण हैं।