कृत्रिम बुद्धिमत्ता अधिनियम (AI अधिनियम) एक यूरोपीय संघ विनियमन है जो यूरोपीय संघ (EU) के भीतर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के लिए एक सामान्य नियामक और कानूनी ढांचा स्थापित करता है। यह 1 अगस्त 2024 को लागू हुआ, जिसके प्रावधान अगले 6 से 36 महीनों में धीरे-धीरे लागू होते जा रहे हैं। यह अधिनियम क्षेत्रों की एक विस्तृत श्रृंखला में अधिकांश AI प्रणालियों को कवर करता है, जिसमें केवल सैन्य, राष्ट्रीय सुरक्षा, अनुसंधान उद्देश्यों या गैर-पेशेवर उपयोग के लिए उपयोग की जाने वाली AI के लिए छूट दी गई है। उत्पाद विनियमन के एक रूप के रूप में, यह व्यक्तिगत अधिकारों का सृजन नहीं करता है; इसके बजाय, यह AI प्रदाताओं और उन संगठनों पर दायित्व डालता है जो पेशेवर संदर्भ में AI का उपयोग करते हैं।
यह अधिनियम गैर-छूट वाले AI अनुप्रयोगों को उनके नुकसान पहुँचाने के जोखिम के आधार पर वर्गीकृत करता है, जिसमें चार स्तर हैं - अस्वीकार्य, उच्च, सीमित और न्यूनतम - साथ ही सामान्य-उद्देश्य AI के लिए एक अतिरिक्त श्रेणी भी है। सामान्य-उद्देश्य AI के लिए, पारदर्शिता आवश्यकताएँ लगाई गई हैं, जिसमें ओपन सोर्स मॉडल के लिए कम आवश्यकताएँ हैं, और उच्च-क्षमता वाले मॉडल के लिए अतिरिक्त मूल्यांकन हैं। यह अधिनियम राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक यूरोपीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता बोर्ड भी बनाता है। EU के सामान्य डेटा संरक्षण विनियमन की तरह, यह अधिनियम EU के बाहर के प्रदाताओं पर भी बाह्य-क्षेत्रीय रूप से लागू हो सकता है यदि उनके EU के भीतर उपयोगकर्ता हैं।
विधायी इतिहास
यूरोपीय आयोग ने 21 अप्रैल 2021 को AI अधिनियम का प्रस्ताव रखा। ड्राफ्ट को जनरेटिव AI प्रणालियों, जैसे ChatGPT, की बढ़ती लोकप्रियता को संबोधित करने के लिए संशोधित किया गया था, जिनकी सामान्य-उद्देश्य क्षमताएँ मुख्य ढांचे में फिट नहीं होती थीं। यूरोपीय संसद ने 13 मार्च 2024 को अधिनियम पारित किया, और EU परिषद ने 21 मई 2024 को सर्वसम्मति से इसे मंजूरी दी। यह विनियमन 1 अगस्त 2024 को लागू हुआ, जिसमें चरणबद्ध कार्यान्वयन था: अस्वीकार्य-जोखिम प्रणालियों पर प्रतिबंध फरवरी 2025 से लागू हुए, सामान्य-उद्देश्य AI दायित्व अगस्त 2025 से, और अधिकांश उच्च-जोखिम प्रावधान अगस्त 2026 से।
जोखिम श्रेणियाँ
अधिनियम की जोखिम-आधारित योजना एक उत्पाद-सुरक्षा मॉडल का अनुसरण करती है जिसमें नियामक दायित्व AI प्रणालियों के प्रदाताओं और परिनियोजकों को सौंपे जाते हैं, जो स्वास्थ्य, सुरक्षा या मौलिक अधिकारों पर संभावित प्रभाव बढ़ने के साथ अधिक मांग वाले हो जाते हैं। यह संरचना सुनिश्चित करती है कि पर्यवेक्षण उन प्रणालियों पर केंद्रित हो जिनके महत्वपूर्ण जोखिम पैदा करने की संभावना है, जबकि कम संवेदनशील उपयोगों के लिए हल्के दृष्टिकोण की अनुमति देती है।
अस्वीकार्य जोखिम
इस श्रेणी के AI अनुप्रयोग प्रतिबंधित हैं, विशिष्ट छूटों को छोड़कर। जब कोई छूट लागू नहीं होती है, तो इसमें AI अनुप्रयोग शामिल हैं जो मानव व्यवहार में हेरफेर करते हैं, जो सार्वजनिक स्थानों में वास्तविक समय की दूरस्थ बायोमेट्रिक पहचान (जैसे चेहरे की पहचान) का उपयोग करते हैं, और जो सोशल स्कोरिंग (व्यक्तिगत विशेषताओं, सामाजिक-आर्थिक स्थिति या व्यवहार के आधार पर व्यक्तियों की रैंकिंग) के लिए उपयोग किए जाते हैं।
उच्च जोखिम
उच्च-जोखिम AI अनुप्रयोग वे हैं जिनसे स्वास्थ्य, सुरक्षा या मौलिक अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण खतरे उत्पन्न होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, स्वास्थ्य, शिक्षा, भर्ती, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे प्रबंधन, कानून प्रवर्तन या न्याय में उपयोग की जाने वाली AI प्रणालियाँ इस श्रेणी में आती हैं। वे गुणवत्ता, पारदर्शिता, मानवीय पर्यवेक्षण और सुरक्षा दायित्वों के अधीन हैं, और कुछ मामलों में तैनाती से पहले एक मौलिक अधिकार प्रभाव मूल्यांकन (FRIA) की आवश्यकता होती है। FRIA मौलिक अधिकारों पर संभावित प्रभावों की पहचान और शमन के लिए एक पूर्व-समीक्षा है। एल्गोरिथमिक प्रभाव आकलन पर पहले के काम ने सुझाव दिया था कि ऐसे उपकरणों को प्रभावित व्यक्तियों और समुदायों की पहचान करनी चाहिए, संभावित नुकसानों का वर्णन करना चाहिए, और सार्वजनिक और संस्थागत जांच के लिए एक आधार प्रदान करना चाहिए। उच्च-जोखिम प्रणालियों का मूल्यांकन बाजार में रखे जाने से पहले और उनके जीवन चक्र के दौरान दोनों समय किया जाना चाहिए। उच्च-जोखिम अनुप्रयोगों की सूची को AI अधिनियम को संशोधित किए बिना समय के साथ विस्तारित किया जा सकता है। नागरिकों को AI प्रणालियों के बारे में शिकायत दर्ज करने और उच्च-जोखिम AI द्वारा उनके अधिकारों को प्रभावित करने वाले निर्णयों के स्पष्टीकरण प्राप्त करने का अधिकार है।
सीमित जोखिम
इस श्रेणी की AI प्रणालियों पर पारदर्शिता दायित्व हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि उपयोगकर्ताओं को सूचित किया जाए कि वे एक AI प्रणाली के साथ बातचीत कर रहे हैं और उन्हें सूचित विकल्प बनाने की अनुमति देते हैं। इसमें AI अनुप्रयोग शामिल हैं जो चित्र, ध्वनि या वीडियो उत्पन्न या हेरफेर करते हैं, जैसे डीपफेक।
न्यूनतम जोखिम
इस श्रेणी में वीडियो गेम या स्पैम फ़िल्टर के लिए उपयोग की जाने वाली AI प्रणालियाँ शामिल हैं। अधिकांश AI अनुप्रयोगों के इस श्रेणी में आने की उम्मीद है। ये प्रणालियाँ विनियमित नहीं हैं, और सदस्य राज्य अधिकतम सामंजस्य नियमों के कारण अतिरिक्त विनियमन नहीं लगा सकते हैं। ऐसी प्रणालियों के डिज़ाइन या उपयोग के संबंध में मौजूदा राष्ट्रीय कानूनों को ओवरराइड किया गया है। हालाँकि, एक स्वैच्छिक आचार संहिता का सुझाव दिया गया है।
सामान्य-उद्देश्य AI प्रावधान
2023 में जोड़ी गई सामान्य-उद्देश्य AI श्रेणी में फाउंडेशन मॉडल शामिल हैं जो कार्यों की एक विस्तृत श्रृंखला कर सकते हैं, जैसे बड़े भाषा मॉडल जैसे ChatGPT। यदि किसी मॉडल के वजन और डिज़ाइन को ओपन सोर्स बनाया जाता है, तो डेवलपर्स को एक प्रशिक्षण डेटा सारांश और एक कॉपीराइट नीति प्रकाशित करनी होगी; बंद-स्रोत मॉडल को व्यापक पारदर्शिता आवश्यकताओं को पूरा करना होगा। उच्च-प्रभाव वाले मॉडल जो प्रणालीगत जोखिम पैदा करते हैं (प्रशिक्षण के लिए 10^25 फ्लोटिंग-पॉइंट ऑपरेशंस से अधिक की आवश्यकता होती है) को अतिरिक्त मूल्यांकन से गुजरना होगा।
10 जुलाई 2025 को प्रकाशित एक सामान्य-उद्देश्य AI आचार संहिता, पारदर्शिता, कॉपीराइट और सुरक्षा एवं संरक्षा पर तीन मुख्य अध्यायों की रूपरेखा प्रस्तुत करती है ताकि प्रदाताओं को AI अधिनियम के साथ अनुपालन प्रदर्शित करने में मदद मिल सके। संहिता में भागीदारी स्वैच्छिक है।
बुनियादी पारदर्शिता कर्तव्यों से परे, अधिनियम सामान्य-उद्देश्य AI मॉडल के प्रदाताओं के लिए दायित्वों की एक सामान्य सूची निर्धारित करता है। उन्हें प्रशिक्षण डेटा का एक सारांश प्रकाशित करना होगा, कॉपीराइट कानून का पालन करने के लिए एक नीति अपनानी होगी, और डाउनस्ट्रीम प्रदाताओं और पर्यवेक्षी अधिकारियों को तकनीकी दस्तावेज प्रदान करना होगा। प्रणालीगत जोखिम पैदा करने वाले मॉडल को मॉडल मूल्यांकन और प्रतिकूल परीक्षण भी करना होगा, पूर्वाग्रह और सुरक्षा विफलताओं जैसे जोखिमों का आकलन और शमन करना होगा, गंभीर घटनाओं की रिपोर्ट करनी होगी, और साइबर सुरक्षा का एक पर्याप्त स्तर सुनिश्चित करना होगा।
छूट
अनुच्छेद 2.3 और 2.6 सैन्य या राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों या शुद्ध वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास के लिए उपयोग की जाने वाली AI प्रणालियों को AI अधिनियम से छूट देते हैं। यह विनियमन उन मामलों में लागू नहीं होता जहाँ AI प्रणालियों का उपयोग विशेष रूप से सैन्य, रक्षा या राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों के लिए किया जाता है, या उन प्रणालियों के लिए जो केवल वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए विकसित और सेवा में लगाई जाती हैं। गैर-पेशेवर उपयोग भी छूट प्राप्त है, जिसका अर्थ है कि व्यक्तिगत AI अनुप्रयोग कवर नहीं हैं।
प्रवर्तन और बाह्य-क्षेत्रीयता
यह अधिनियम राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक यूरोपीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता बोर्ड बनाता है। GDPR की तरह, यह अधिनियम EU के बाहर के प्रदाताओं पर बाह्य-क्षेत्रीय रूप से लागू हो सकता है यदि उनके EU के भीतर उपयोगकर्ता हैं। इसका मतलब है कि संयुक्त राज्य अमेरिका, एशिया या अन्य जगहों पर स्थित कंपनियों को EU निवासियों को AI सेवाएँ प्रदान करते समय अनुपालन करना होगा। प्रत्येक सदस्य राज्य में राष्ट्रीय पर्यवेक्षी प्राधिकरण प्रवर्तन के लिए जिम्मेदार हैं, जिसमें निषिद्ध प्रथाओं के लिए वैश्विक वार्षिक कारोबार के 7% तक के जुर्माने शामिल हैं, हालाँकि स्रोत में विशिष्ट आंकड़े विस्तृत नहीं हैं।
AI विकास पर प्रभाव
AI अधिनियम के सामान्य-उद्देश्य AI नियमों का जनरेटिव AI प्रणालियों के डेवलपर्स के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव है। उदाहरण के लिए, OpenAI, Anthropic, और Google DeepMind को यह सुनिश्चित करना होगा कि EU में तैनात होने पर उनके मॉडल पारदर्शिता और दस्तावेज़ीकरण आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। ओपन-सोर्स मॉडल, जैसे कि Meta से (प्रदान की गई सूची में नहीं, लेकिन निहित), कम दायित्वों से लाभान्वित होते हैं, जो मॉडल विकास में पारदर्शिता को प्रोत्साहित करते हैं। यह अधिनियम वैश्विक मानकों को भी प्रभावित करता है, क्योंकि अन्य क्षेत्राधिकार समान जोखिम-आधारित दृष्टिकोण अपना सकते हैं। चरणबद्ध कार्यान्वयन प्रदाताओं को अनुकूलन के लिए समय देता है, लेकिन उच्च-क्षमता वाले मॉडल के लिए प्रणालीगत-जोखिम मूल्यांकन AI अनुसंधान और परिनियोजन की गति को प्रभावित कर सकते हैं।