डेविड बैक्किउ एक इतालवी कंप्यूटर वैज्ञानिक और पीसा विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। वे मशीन लर्निंग में अपने शोध के लिए जाने जाते हैं, विशेष रूप से न्यूरल-सिम्बोलिक एकीकरण, रिजर्वायर कंप्यूटिंग और डीप लर्निंग में, जिसका अनुप्रयोग बायोइन्फॉर्मेटिक्स और मानव गतिविधि पहचान में होता है। उन्होंने प्रतीकात्मक तर्क को तंत्रिका नेटवर्क के साथ जोड़ने वाले मॉडलों के विकास में योगदान दिया है, जिसका उद्देश्य व्याख्यात्मकता और सामान्यीकरण में सुधार करना है।
बैक्किउ ने 2006 में पीसा विश्वविद्यालय से कंप्यूटर विज्ञान में पीएच.डी. प्राप्त की, जहाँ वे बाद में प्रोफेसर बने। उनका प्रारंभिक कार्य तंत्रिका नेटवर्क और सीखने के एल्गोरिदम पर केंद्रित था, और धीरे-धीरे उन्होंने ग्राफ तंत्रिका नेटवर्क और अस्थायी डेटा मॉडलिंग जैसे क्षेत्रों में विस्तार किया। उन्होंने सहकर्मी-समीक्षित पत्रिकाओं और सम्मेलनों में व्यापक रूप से प्रकाशित किया है, और कई यूरोपीय शोध परियोजनाओं में शामिल रहे हैं।
शोध योगदान
बैक्किउ का शोध Machine learning के कई उप-क्षेत्रों में फैला हुआ है। उनकी प्राथमिक रुचियों में से एक संरचित डेटा के लिए तंत्रिका नेटवर्क है, विशेष रूप से ग्राफ। उन्होंने उन मॉडलों पर काम किया है जो ग्राफ-संरचित जानकारी को संसाधित कर सकते हैं, जो रसायन विज्ञान, सामाजिक नेटवर्क और ज्ञान ग्राफ में अनुप्रयोगों के लिए प्रासंगिक है। ग्राफ तंत्रिका नेटवर्क पर उनके काम ने सैद्धांतिक गुणों और व्यावहारिक कार्यान्वयन दोनों का पता लगाया है।
एक और महत्वपूर्ण क्षेत्र रिजर्वायर कंप्यूटिंग है, एक प्रतिमान जहाँ एक निश्चित, यादृच्छिक रूप से प्रारंभ किया गया आवर्तक तंत्रिका नेटवर्क (रिजर्वायर) अस्थायी अनुक्रमों को संसाधित करने के लिए उपयोग किया जाता है, और केवल रीडआउट परत को प्रशिक्षित किया जाता है। बैक्किउ ने समय श्रृंखला भविष्यवाणी और वर्गीकरण के लिए रिजर्वायर कंप्यूटिंग के उपयोग की जांच की है, अक्सर एम्बेडेड सिस्टम और कम-शक्ति वाले उपकरणों के संदर्भ में।
उन्होंने न्यूरल-सिम्बोलिक एकीकरण में भी योगदान दिया है, जिसका उद्देश्य तंत्रिका नेटवर्क की पैटर्न पहचान क्षमताओं को प्रतीकात्मक एआई की तर्क क्षमताओं के साथ जोड़ना है। शोध की यह पंक्ति उन कार्यों में विशुद्ध रूप से कनेक्शनिस्ट दृष्टिकोणों की सीमाओं से प्रेरित है जिनके लिए तार्किक अनुमान या ज्ञान प्रतिनिधित्व की आवश्यकता होती है। इस क्षेत्र में बैक्किउ के काम में ऐसे आर्किटेक्चर विकसित करना शामिल है जो पूर्व ज्ञान को तंत्रिका मॉडल में शामिल कर सकते हैं, जिससे उनकी नमूना दक्षता और व्याख्यात्मकता में सुधार होता है।
शैक्षणिक करियर
बैक्किउ पीसा विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान विभाग से संबद्ध हैं, जहाँ वे मशीन लर्निंग और बुद्धिमान प्रणालियों पर केंद्रित एक शोध समूह का नेतृत्व करते हैं। वे मशीन लर्निंग, तंत्रिका नेटवर्क और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर पाठ्यक्रम पढ़ाने में शामिल रहे हैं। उन्होंने कई पीएच.डी. छात्रों और पोस्टडॉक्टोरल शोधकर्ताओं का पर्यवेक्षण भी किया है।
उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शोध परियोजनाओं में भाग लिया है, जो अक्सर यूरोपीय संघ द्वारा वित्त पोषित होती हैं। इन परियोजनाओं ने पहनने योग्य सेंसर का उपयोग करके मानव गतिविधि पहचान, औद्योगिक सेटिंग्स में पूर्वानुमानित रखरखाव और स्वास्थ्य देखभाल के लिए एआई प्रणालियों के विकास जैसे विषयों को संबोधित किया है। उनके सहयोगी कार्य में यूरोप भर के शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग भागीदारों के साथ साझेदारी शामिल रही है।
चयनित प्रकाशन
बैक्किउ ने 100 से अधिक वैज्ञानिक प्रकाशन लिखे या सह-लेखन किए हैं। उनके पेपर IEEE ट्रांजेक्शन्स ऑन न्यूरल नेटवर्क्स एंड लर्निंग सिस्टम्स, न्यूरल नेटवर्क्स, और इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन मशीन लर्निंग (ICML) और यूरोपियन कॉन्फ्रेंस ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ECAI) जैसे प्रमुख सम्मेलनों की कार्यवाही जैसे स्थानों पर प्रकाशित हुए हैं। उनके उल्लेखनीय कार्यों में समय श्रृंखला के लिए डीप लर्निंग, आणविक संपत्ति भविष्यवाणी के लिए ग्राफ तंत्रिका नेटवर्क और तंत्रिका मॉडल की मजबूती में सुधार के तरीकों पर अध्ययन शामिल हैं।
2018 में प्रकाशित उनके प्रभावशाली पेपरों में से एक ने रिजर्वायर कंप्यूटिंग के लिए एक नया दृष्टिकोण प्रस्तावित किया जो अनुक्रमिक डेटा में कई समय-पैमानों को पकड़ने के लिए एक पदानुक्रमित संरचना का उपयोग करता है। इस कार्य को व्यापक रूप से उद्धृत किया गया है और क्षेत्र में बाद के शोध को प्रभावित किया है। 2020 का एक और पेपर आंशिक रूप से लेबल किए गए ग्राफ डेटा से सीखने की चुनौती को संबोधित करता है, जिसमें एक अर्ध-पर्यवेक्षित ढांचा पेश किया गया है जो लेबल किए गए और बिना लेबल वाले दोनों नोड्स का लाभ उठाता है।
शिक्षण और मेंटरिंग
पीसा विश्वविद्यालय में, बैक्किउ स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों स्तरों पर पाठ्यक्रम पढ़ाते हैं। उनके पाठ्यक्रम मशीन लर्निंग के मूल सिद्धांतों, डीप लर्निंग आर्किटेक्चर और संभाव्य ग्राफिकल मॉडल जैसे विषयों को कवर करते हैं। वे अपने स्पष्ट स्पष्टीकरण और सैद्धांतिक अवधारणाओं को व्यावहारिक अनुप्रयोगों से जोड़ने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने छात्रों और शोधकर्ताओं को उनके द्वारा सिखाए गए एल्गोरिदम को लागू करने में मदद करने के लिए ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर और ट्यूटोरियल भी विकसित किए हैं।
उन्होंने कई छात्रों को मेंटर किया है जो आगे चलकर शिक्षा और उद्योग में करियर बना चुके हैं। उनके कई पूर्व पीएच.डी. छात्र अन्य विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर बन गए हैं या गूगल डीपमाइंड और अमेज़न एआई जैसी कंपनियों में शोध पदों पर काम कर रहे हैं। उनकी मेंटरिंग शैली कठोर प्रयोग और अंतर्निहित गणित की गहरी समझ पर जोर देती है।
व्यावसायिक सेवा
बैक्किउ कई पत्रिकाओं के संपादकीय बोर्डों पर कार्य करते हैं, जिनमें न्यूरल नेटवर्क्स और न्यूरोकंप्यूटिंग शामिल हैं। वे इंटरनेशनल जॉइंट कॉन्फ्रेंस ऑन न्यूरल नेटवर्क्स (IJCNN) और यूरोपियन सिम्पोजियम ऑन आर्टिफिशियल न्यूरल नेटवर्क्स (ESANN) जैसे कई अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों के कार्यक्रम समिति सदस्य भी रहे हैं। उन्होंने न्यूरल-सिम्बोलिक कंप्यूटिंग और रिजर्वायर कंप्यूटिंग से संबंधित विषयों पर कार्यशालाओं और विशेष सत्रों का आयोजन किया है।
वे IEEE कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस सोसाइटी और इतालवी एसोसिएशन फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AIxIA) के सदस्य हैं। वे वार्षिक इतालवी मशीन लर्निंग कार्यशाला के आयोजन में शामिल रहे हैं, जो देश भर के शोधकर्ताओं को एक साथ लाती है।
सहयोग और परियोजनाएँ
बैक्किउ ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, कार्नेगी मेलन विश्वविद्यालय और स्टैनफोर्ड एआई लैब सहित विभिन्न संस्थानों के शोधकर्ताओं के साथ सहयोग किया है। इन सहयोगों के परिणामस्वरूप संयुक्त प्रकाशन और साझा शोध पहल हुई हैं। उन्होंने नोकिया बेल लैब्स और सैमसंग रिसर्च जैसे उद्योग भागीदारों के साथ भी अनुप्रयुक्त परियोजनाओं पर काम किया है।
एक उल्लेखनीय परियोजना, जो EU होराइज़न 2020 कार्यक्रम द्वारा वित्त पोषित थी, व्यक्तिगत स्वास्थ्य निगरानी के लिए एआई प्रणालियों के विकास पर केंद्रित थी। बैक्किउ के समूह ने शारीरिक संकेतों का विश्लेषण करने और प्रतिकूल घटनाओं की भविष्यवाणी करने के लिए मशीन लर्निंग मॉडल में योगदान दिया। इंटेल के सहयोग से एक और परियोजना ने वास्तविक समय गतिविधि पहचान के लिए एज उपकरणों पर तंत्रिका नेटवर्क की तैनाती का पता लगाया।
भविष्य की दिशाएँ
आगे देखते हुए, बैक्किउ कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ मशीन लर्निंग और संज्ञानात्मक विज्ञान के प्रतिच्छेदन में रुचि रखते हैं। वे खोज रहे हैं कि मानव सीखने की अंतर्दृष्टि अधिक कुशल और अनुकूलनीय तंत्रिका मॉडल के डिजाइन को कैसे सूचित कर सकती है। वे प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण से परे कार्यों के लिए बड़े भाषा मॉडल के उपयोग की भी जांच कर रहे हैं, जैसे कोड जनरेशन और वैज्ञानिक खोज।
वे न्यूरल-सिम्बोलिक प्रणालियों के लिए बेंचमार्क और मूल्यांकन प्रोटोकॉल के विकास में सक्रिय रूप से शामिल हैं, जिसका उद्देश्य इन मॉडलों के मूल्यांकन के तरीके को मानकीकृत करना है। उनका मानना है कि तंत्रिका और प्रतीकात्मक दृष्टिकोणों की ताकतों का संयोजन एआई प्रणालियों में मानव-स्तरीय तर्क प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
व्यक्तिगत जीवन
बैक्किउ पीसा, इटली में स्थित हैं, जहाँ वे अपने परिवार के साथ रहते हैं। अपने खाली समय में, वे टस्कनी के ग्रामीण इलाकों में लंबी पैदल यात्रा और शतरंज खेलने का आनंद लेते हैं। वे विज्ञान कथा के शौकीन पाठक भी हैं और कंप्यूटिंग के इतिहास में गहरी रुचि रखते हैं।
विरासत और प्रभाव
डेविड बैक्किउ के मशीन लर्निंग में योगदान ने क्षेत्र पर स्थायी प्रभाव डाला है, विशेष रूप से न्यूरल-सिम्बोलिक एकीकरण और रिजर्वायर कंप्यूटिंग के क्षेत्रों में। उनके काम ने कनेक्शनिस्ट और प्रतीकात्मक एआई के बीच की खाई को पाटने में मदद की है, और उनके तरीकों को दुनिया भर के शोधकर्ताओं द्वारा अपनाया गया है। वे इतालवी और यूरोपीय एआई समुदायों में एक सक्रिय और प्रभावशाली व्यक्ति बने हुए हैं।
शिक्षण और मेंटरिंग के प्रति उनका समर्पण कंप्यूटर वैज्ञानिकों की एक नई पीढ़ी को आकार दे रहा है, और उनकी सहयोगी भावना ने कई अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों को बढ़ावा दिया है। जैसे-जैसे एआई विकसित होता रहेगा, बैक्किउ का शोध प्रासंगिक बना रहेगा, विशेष रूप से व्याख्यात्मक और मजबूत मॉडल की मांग बढ़ने के साथ।