मार्गरेट मिशेल एक कंप्यूटर वैज्ञानिक और AI नैतिकता शोधकर्ता हैं, जो जिम्मेदार कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास में एक प्रमुख आवाज रही हैं। वह Google में एथिकल AI टीम का सह-नेतृत्व करने के लिए सबसे अधिक जानी जाती हैं, जहाँ उन्होंने मशीन लर्निंग सिस्टम में पूर्वाग्रहों की पहचान करने और उन्हें कम करने के लिए काम किया। उनके शोध और वकालत ने तकनीकी उद्योग के निष्पक्षता, जवाबदेही और AI में पारदर्शिता के दृष्टिकोण को प्रभावित किया है।
मिशेल का करियर उद्योग और शिक्षा दोनों में फैला हुआ है, जिसमें प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण और AI नैतिकता में महत्वपूर्ण योगदान शामिल हैं। वह AI विकास में अनैतिक प्रथाओं की एक मुखर आलोचक रही हैं और जिम्मेदार AI अनुसंधान के लिए दिशानिर्देश स्थापित करने के लिए काम किया है। उनके काम को व्यापक रूप से उद्धृत किया गया है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सामाजिक प्रभावों पर सार्वजनिक प्रवचन को आकार देने में मदद की है।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
मार्गरेट मिशेल का जन्म संयुक्त राज्य अमेरिका में हुआ था। उन्होंने भाषा और प्रौद्योगिकी में प्रारंभिक रुचि विकसित की, जिसने उन्हें कंप्यूटर विज्ञान और भाषाविज्ञान में अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने रीड कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की, जहाँ उन्होंने कम्प्यूटेशनल भाषाविज्ञान पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बाद में स्कॉटलैंड के एबरडीन विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री और पीएचडी प्राप्त की, जहाँ उनका शोध प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण और मशीन लर्निंग पर केंद्रित था।
अपने डॉक्टरेट अध्ययन के दौरान, मिशेल ने पता लगाया कि कंप्यूटर मानव भाषा को कैसे समझ और उत्पन्न कर सकते हैं। उनके शोध प्रबंध ने भाषा मॉडलिंग के लिए तंत्रिका नेटवर्क के उपयोग की जांच की, एक विषय जो उनके बाद के AI नैतिकता कार्य में केंद्रीय बन गया। वह AI के सामाजिक निहितार्थों में भी रुचि रखने लगीं, विशेष रूप से कैसे पक्षपाती डेटा भेदभावपूर्ण परिणामों को जन्म दे सकता है।
प्रारंभिक करियर और अनुसंधान
अपनी पीएचडी पूरी करने के बाद, मिशेल ने माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च में पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ता के रूप में काम किया, जहाँ उन्होंने मशीन लर्निंग और प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण का अध्ययन किया। फिर वह वाशिंगटन विश्वविद्यालय में एक शोध वैज्ञानिक के रूप में शामिल हुईं, जहाँ उन्होंने भाषा और दृष्टि से जुड़ी परियोजनाओं पर शिक्षाविदों के साथ सहयोग किया। इस अवधि के दौरान उनके काम ने ऐसे एल्गोरिदम विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया जो छवियों और पाठ जैसे मल्टीमोडल डेटा से सीख सकें।
2016 में, मिशेल Google चली गईं, जहाँ वह Machine learning और Natural language processing पर काम करने वाली शोध टीम में शामिल हुईं। उन्होंने Large language model और Transformer (architecture) आर्किटेक्चर से जुड़ी परियोजनाओं में योगदान दिया, जो AI के क्षेत्र को तेजी से आगे बढ़ा रहे थे। हालाँकि, वह जल्द ही इन तकनीकों के नैतिक निहितार्थों के बारे में चिंतित हो गईं, विशेष रूप से कैसे वे सामाजिक पूर्वाग्रहों को बनाए रख सकती हैं।
Google एथिकल AI टीम
2018 में, मिशेल को टिमनिट गेब्रू के साथ Google की एथिकल AI टीम का सह-नेता नियुक्त किया गया। टीम को पूर्वाग्रह, निष्पक्षता और पारदर्शिता सहित AI में नैतिक मुद्दों पर शोध और समाधान करने का काम सौंपा गया था। उनके नेतृत्व में, टीम ने मॉडल कार्ड जैसे विषयों पर प्रभावशाली पेपर प्रकाशित किए, जो मशीन लर्निंग मॉडल के लिए मानकीकृत दस्तावेज़ हैं जो उनके प्रदर्शन और सीमाओं का खुलासा करते हैं।
मिशेल और गेब्रू ने Large language model में पूर्वाग्रह का पता लगाने और कम करने के लिए परियोजनाओं पर भी काम किया। उन्होंने भेदभावपूर्ण व्यवहार के लिए AI सिस्टम का ऑडिट करने के लिए उपकरण विकसित किए और अधिक समावेशी डेटा संग्रह प्रथाओं की वकालत की। उनके काम को AI नैतिकता के क्षेत्र में अग्रणी के रूप में व्यापक रूप से मान्यता मिली।
हालाँकि, Google में उनका कार्यकाल विवाद से चिह्नित था। दिसंबर 2020 में, गेब्रू को एक शोध पेपर पर विवाद के बाद निकाल दिया गया, जिसमें बड़े AI मॉडल की पर्यावरणीय और सामाजिक लागतों की आलोचना की गई थी। मिशेल ने सार्वजनिक रूप से गेब्रू का समर्थन किया और Google द्वारा स्थिति के संचालन की आलोचना की। फरवरी 2021 में, मिशेल को भी Google से निकाल दिया गया, कंपनी ने अपने आचार संहिता के उल्लंघन का हवाला दिया। इन बर्खास्तगी ने तकनीकी उद्योग में AI नैतिकता शोधकर्ताओं के उपचार के बारे में व्यापक बहस छेड़ दी।
AI नैतिकता में योगदान
मिशेल के AI नैतिकता में सबसे महत्वपूर्ण योगदानों में मॉडल कार्ड पर उनका काम शामिल है, जो उद्योग में एक मानक अभ्यास बन गया है। मॉडल कार्ड एक मॉडल के इच्छित उपयोग, प्रदर्शन मेट्रिक्स और संभावित पूर्वाग्रहों का दस्तावेजीकरण करने का एक संरचित तरीका प्रदान करते हैं। यह पारदर्शिता डेवलपर्स और उपयोगकर्ताओं को AI सिस्टम की सीमाओं को समझने और सूचित निर्णय लेने में मदद करती है।
उन्होंने "मॉडल कार्ड्स फॉर मॉडल रिपोर्टिंग" पेपर का सह-लेखन भी किया, जो 2019 में प्रकाशित हुआ था और कंपनियों और शोध संस्थानों द्वारा व्यापक रूप से अपनाया गया है। पेपर ने मशीन लर्निंग मॉडल को इस तरह से दस्तावेजीकरण करने के लिए एक ढांचा प्रस्तावित किया जो गैर-विशेषज्ञों के लिए सुलभ हो, जवाबदेही और विश्वास को बढ़ावा दे।
मिशेल AI अनुसंधान में विविधता और समावेशन की वकालत करने वाली भी रही हैं। उन्होंने क्षेत्र में अधिक महिलाओं और कम प्रतिनिधित्व वाले समूहों की आवश्यकता के बारे में सार्वजनिक रूप से बात की है, यह तर्क देते हुए कि निष्पक्ष और नैतिक AI सिस्टम बनाने के लिए विविध दृष्टिकोण आवश्यक हैं।
बाद का करियर और वकालत
Google छोड़ने के बाद, मिशेल ने एक स्वतंत्र शोधकर्ता और सलाहकार के रूप में AI नैतिकता में अपना काम जारी रखा। वह सम्मेलनों में एक लगातार वक्ता रही हैं और एल्गोरिथमिक पूर्वाग्रह, डेटा नैतिकता और AI के सामाजिक प्रभाव जैसे विषयों पर व्यापक रूप से लिखा है। वह IEEE और ACM सहित AI विकास के लिए नैतिक दिशानिर्देश बनाने की पहलों में भी शामिल रही हैं।
2022 में, मिशेल AI कंपनी हगिंग फेस में एक शोधकर्ता के रूप में शामिल हुईं, जहाँ वह जिम्मेदार AI प्रथाओं पर काम करना जारी रखती हैं। हगिंग फेस में, उन्होंने मशीन लर्निंग मॉडल की निष्पक्षता का ऑडिट और सुधार करने के लिए उपकरण विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया है। वह अधिक पारदर्शी और समावेशी AI अनुसंधान समुदाय बनाने के प्रयासों में भी शामिल रही हैं।
प्रभाव और मान्यता
मिशेल के काम ने AI नैतिकता के क्षेत्र पर स्थायी प्रभाव डाला है। मॉडल कार्ड पर उनके शोध को व्यापक रूप से अपनाया गया है, और उनकी वकालत ने पूर्वाग्रह और निष्पक्षता के मुद्दों को सार्वजनिक चेतना के अग्रभाग में लाने में मदद की है। उन्हें कई पुरस्कारों और सम्मानों से सम्मानित किया गया है, जिसमें 2023 में टाइम पत्रिका द्वारा AI में 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक नामित होना शामिल है।
गेब्रू के साथ उनकी बर्खास्तगी को तकनीकी उद्योग के AI नैतिकता के दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में उद्धृत किया गया है। इसने कॉर्पोरेट हितों और नैतिक अनुसंधान के बीच तनाव को उजागर किया, और कंपनियों द्वारा असंतुष्ट आवाज़ों को संभालने के तरीके की बढ़ती जांच की।
व्यक्तिगत जीवन और सार्वजनिक जुड़ाव
मिशेल अपनी स्पष्टवादी और मुखर शैली के लिए जानी जाती हैं, दोनों अपने लेखन और सार्वजनिक उपस्थिति में। उन्होंने AI नैतिकता पर चर्चा करने और प्रौद्योगिकी में पूर्वाग्रह के उदाहरणों को उजागर करने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग किया है। वह युवा शोधकर्ताओं के लिए एक मेंटर भी रही हैं और अधिक लोगों को AI नैतिकता के क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया है।
अपने शोध के अलावा, मिशेल AI को जनता के लिए अधिक सुलभ बनाने के प्रयासों में शामिल रही हैं। उन्होंने विश्वविद्यालयों और उद्योग कार्यक्रमों में व्याख्यान दिए हैं, और आम दर्शकों को जटिल AI अवधारणाओं को समझाने के लिए मुख्यधारा के प्रकाशनों के लिए लिखा है।
विरासत और भविष्य की दिशाएँ
मार्गरेट मिशेल की विरासत AI को अधिक नैतिक और जवाबदेह बनाने के उनके अग्रणी कार्य में निहित है। उनके योगदान ने कंपनियों के AI सिस्टम विकसित करने और तैनात करने के तरीके को प्रभावित किया है, और उनकी वकालत ने शोधकर्ताओं की एक नई पीढ़ी को अपने काम के सामाजिक निहितार्थों पर विचार करने के लिए प्रेरित किया है।
जैसे-जैसे AI विकसित होता रहता है, मिशेल की अंतर्दृष्टि प्रासंगिक बनी हुई है। उन्होंने AI विकास में अधिक पारदर्शिता, अधिक समावेशी डेटा प्रथाओं और AI तकनीकों के मजबूत विनियमन का आह्वान किया है। उनका काम आने वाले वर्षों में क्षेत्र को आकार देता रहेगा।
संदर्भ
- मिशेल, एम., एट अल. (2019)। "मॉडल कार्ड्स फॉर मॉडल रिपोर्टिंग।" निष्पक्षता, जवाबदेही और पारदर्शिता पर सम्मेलन की कार्यवाही।
- मिशेल, एम. (2021)। "द स्टेट ऑफ AI एथिक्स।" ACM सम्मेलन में मुख्य भाषण निष्पक्षता, जवाबदेही और पारदर्शिता पर।
- टाइम पत्रिका। (2023)। "AI में 100 सबसे प्रभावशाली लोग।"
बाहरी लिंक
- मार्गरेट मिशेल की व्यक्तिगत वेबसाइट
- ट्विटर पर मार्गरेट मिशेल
- गूगल स्कॉलर पर मार्गरेट मिशेल की प्रोफ़ाइल