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Jpred एक प्रोटीन द्वितीयक संरचना भविष्यवाणी सर्वर है, जिसे डंडी विश्वविद्यालय में विकसित किया गया है, और यह एक वेब इंटरफेस के माध्यम से प्रोटीन अनुक्रमों के लिए कम्प्यूटेशनल भविष्यवाणियाँ प्रदान करता है। यह मशीन लर्निंग और कई अनुक्रम संरेखणों से विकासवादी जानकारी के संयोजन का उपयोग करता है।

Jpred एक प्रोटीन द्वितीयक संरचना भविष्यवाणी के लिए एक वेब-आधारित सर्वर है, जिसे डंडी विश्वविद्यालय के बार्टन समूह द्वारा विकसित और अनुरक्षित किया गया है। यह एक प्रोटीन अनुक्रम स्वीकार करता है और द्वितीयक संरचना (अल्फा-हेलिक्स, बीटा-स्ट्रैंड, या कॉइल) के साथ-साथ विलायक अभिगम्यता और विश्वास स्कोर की भविष्यवाणी लौटाता है। यह सर्वर 1990 के दशक के अंत से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है और जैव सूचना विज्ञान अनुसंधान में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

Jpred में भविष्यवाणी विधि प्रोटीन डेटाबेस के विरुद्ध PSI-BLAST द्वारा उत्पन्न एकाधिक अनुक्रम संरेखण को एकीकृत करती है, जो विकासवादी जानकारी को पकड़ती है जो सटीकता में सुधार करती है। मुख्य एल्गोरिदम एक तंत्रिका नेटवर्क, विशेष रूप से एक आवर्ती वास्तुकला का उपयोग करता है, जिसे ज्ञात प्रोटीन संरचनाओं पर प्रशिक्षित किया जाता है। वर्षों से, Jpred में कई अद्यतन हुए हैं, वर्तमान संस्करण (Jpred 4) बेहतर प्रदर्शन और एक उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफ़ेस प्रदान करता है।

इतिहास और विकास

Jpred पहली बार 1998 में डंडी विश्वविद्यालय में जेम्स कफ और जेफ्री बार्टन द्वारा जारी किया गया था। यह सार्वजनिक रूप से सुलभ द्वितीयक संरचना भविष्यवाणी सर्वरों में से एक था, जो PHD और PSIPRED जैसे पहले के तरीकों पर निर्मित था। सर्वर को सरल बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया था: उपयोगकर्ता एक अनुक्रम जमा करते हैं, और मिनटों के भीतर भविष्यवाणी प्राप्त करते हैं। प्रारंभिक संस्करण ने गैर-अनावश्यक प्रोटीन संरचनाओं के सेट पर प्रशिक्षित तंत्रिका नेटवर्क की एक जूरी का उपयोग किया।

2008 में, Jpred 3 जारी किया गया, जिसमें एक अधिक परिष्कृत एल्गोरिदम शामिल था जो दो-चरणीय तंत्रिका नेटवर्क और बेहतर संरेखण निर्माण का उपयोग करता था। नवीनतम प्रमुख संस्करण, Jpred 4, 2015 में लॉन्च किया गया, जिसने एक तेज़ पाइपलाइन और अद्यतन अंतर्निहित डेटाबेस पेश किए। सर्वर लगातार अनुरक्षित किया गया है, नए प्रोटीन संरचना डेटा और एल्गोरिदमिक सुधारों को दर्शाने के लिए आवधिक अद्यतनों के साथ।

कार्यप्रणाली

Jpred की भविष्यवाणी पाइपलाइन एक क्वेरी अनुक्रम से शुरू होती है। यह पहले एक अनुक्रम डेटाबेस (जैसे, UniProt) के विरुद्ध खोजने के लिए PSI-BLAST चलाता है ताकि समरूप अनुक्रम खोज सके, जिन्हें फिर एकाधिक अनुक्रम संरेखण बनाने के लिए संरेखित किया जाता है। यह संरेखण एक स्थिति-विशिष्ट स्कोरिंग मैट्रिक्स (PSSM) में परिवर्तित हो जाता है जो विकासवादी संरक्षण पैटर्न को पकड़ता है।

PSSM को एक तंत्रिका नेटवर्क में खिलाया जाता है, विशेष रूप से Jpred 4 में लंबी अल्पकालिक स्मृति (LSTM) इकाइयों के साथ एक आवर्ती तंत्रिका नेटवर्क, जो अनुक्रम संदर्भ को संसाधित करता है। नेटवर्क प्रत्येक अवशेष के लिए तीन द्वितीयक संरचना राज्यों में से एक में होने की संभावनाओं को आउटपुट करता है: H (हेलिक्स), E (स्ट्रैंड), या C (कॉइल)। एक अलग नेटवर्क विलायक अभिगम्यता (दफन या उजागर) की भविष्यवाणी करता है। अंतिम आउटपुट में प्रति अवशेष एक विश्वास स्कोर शामिल होता है, आमतौर पर 0 से 9 तक।

प्रशिक्षण डेटा प्रोटीन डेटा बैंक (PDB) से आता है, जिसे अतिरेक को हटाने के लिए फ़िल्टर किया जाता है। तंत्रिका नेटवर्क को बैकप्रोपेगेशन और क्रॉस-एंट्रॉपी हानि फ़ंक्शन का उपयोग करके प्रशिक्षित किया जाता है। Jpred 4 की सटीकता तीन-राज्य भविष्यवाणी (Q3) के लिए लगभग 82% बताई गई है, जो अन्य आधुनिक तरीकों के साथ प्रतिस्पर्धी है।

उपयोग और अनुप्रयोग

Jpred का उपयोग शोधकर्ताओं द्वारा अज्ञात संरचनाओं वाले प्रोटीन अनुक्रमों को एनोटेट करने के लिए किया जाता है, जो कार्यात्मक अनुमान और प्रयोगात्मक डिजाइन में सहायता करता है। यह अक्सर संरचनात्मक जैव सूचना विज्ञान पाइपलाइनों में पहला कदम होता है, जैसे कि समरूपता मॉडलिंग और फोल्ड पहचान। सर्वर कई अनुक्रमों का विश्लेषण करने के लिए एक बैच मोड और प्रोग्रामेटिक पहुंच के लिए एक API भी प्रदान करता है।

द्वितीयक संरचना से परे, Jpred आउटपुट का उपयोग साइट-निर्देशित उत्परिवर्तन प्रयोगों को निर्देशित करने, कार्यात्मक अवशेषों की पहचान करने और प्रोटीन इंजीनियरिंग में सहायता के लिए किया जा सकता है। सर्वर को हजारों वैज्ञानिक प्रकाशनों में उद्धृत किया गया है, जिससे यह क्षेत्र में एक मानक उपकरण बन गया है।

उपलब्धता और प्रभाव

Jpred शैक्षणिक उपयोगकर्ताओं के लिए डंडी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर स्वतंत्र रूप से उपलब्ध है। यह लिनक्स सर्वरों के एक क्लस्टर पर चलता है, जो त्वरित प्रतिक्रिया समय सुनिश्चित करता है। सर्वर को अनुसंधान अनुदानों द्वारा लगातार वित्त पोषित किया गया है, जिसमें जैव प्रौद्योगिकी और जैविक विज्ञान अनुसंधान परिषद (BBSRC) शामिल है।

Jpred का प्रभाव इसकी पहुंच और विश्वसनीयता में निहित है। यह द्वितीयक संरचना भविष्यवाणी के लिए एक बेंचमार्क रहा है, और इसके आउटपुट की तुलना अक्सर PSIPRED और Jpred के उत्तराधिकारी JNet जैसे अन्य उपकरणों से की जाती है। सर्वर के डिजाइन ने बाद के वेब-आधारित जैव सूचना विज्ञान उपकरणों को प्रभावित किया है, जिसमें उपयोग में आसानी और स्पष्ट आउटपुट विज़ुअलाइज़ेशन पर जोर दिया गया है।

संबंधित उपकरण और भविष्य की दिशाएँ

Jpred प्रोटीन संरचना भविष्यवाणी उपकरणों के एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा है, जिसमें Artificial intelligence-आधारित तरीके जैसे AlphaFold शामिल हैं, जो पूर्ण 3D संरचनाओं की भविष्यवाणी करते हैं। जबकि Jpred द्वितीयक संरचना पर केंद्रित है, इसका Machine learning तकनीकों का एकीकरण समय के साथ विकसित हुआ है। भविष्य के अद्यतन सटीकता में और सुधार के लिए Deep learning वास्तुकला, जैसे Transformer (architecture) मॉडल को शामिल कर सकते हैं।

सर्वर सक्रिय रूप से अनुरक्षित बना हुआ है, बार्टन समूह अंतर्निहित तंत्रिका नेटवर्क JNet विकसित करना जारी रखता है। वर्तमान तिथि के अनुसार, Jpred 4 मानक संस्करण है, और कोई प्रमुख नया रिलीज़ घोषित नहीं किया गया है, लेकिन डेटाबेस और एल्गोरिदम में चल रहे सुधारों की उम्मीद है।

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