ब्रायन कुलिस एक कंप्यूटर वैज्ञानिक हैं जो मशीन लर्निंग में अपने योगदान के लिए जाने जाते हैं, जिसमें मेट्रिक लर्निंग, क्लस्टरिंग और स्केलेबल ऑप्टिमाइज़ेशन एल्गोरिदम पर विशेष ध्यान है। वे बोस्टन विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं और गूगल में रिसर्च साइंटिस्ट के पद पर भी कार्यरत हैं। उनका काम सैद्धांतिक आधारों और व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बीच सेतु का कार्य करता है, जो उच्च-आयामी डेटा विश्लेषण और अनुपरिवेक्षित लर्निंग की चुनौतियों का समाधान करता है।
कुलिस के शोध ने कंप्यूटर विज़न, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण और बायोइन्फॉर्मेटिक्स जैसे क्षेत्रों को प्रभावित किया है, जहाँ उपयुक्त दूरी फ़ंक्शन सीखना महत्वपूर्ण है। उन्होंने शीर्ष-स्तरीय सम्मेलनों और पत्रिकाओं में व्यापक रूप से प्रकाशन किया है, और मेट्रिक लर्निंग पर उनके काम को व्यापक रूप से उद्धृत किया गया है। उनके योगदान में मौलिक एल्गोरिदम और कुशल कार्यान्वयन दोनों शामिल हैं जो बड़े डेटासेट तक विस्तारित होते हैं।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
ब्रायन कुलिस ने 2003 में कॉर्नेल विश्वविद्यालय से कंप्यूटर विज्ञान में स्नातक विज्ञान की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने टेक्सास विश्वविद्यालय, ऑस्टिन में स्नातकोत्तर अध्ययन किया, जहाँ उन्होंने 2006 में मास्टर ऑफ साइंस और 2010 में कंप्यूटर विज्ञान में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी की डिग्री अर्जित की। उनके डॉक्टरेट सलाहकार इंद्रजीत धिल्लन थे, जो मशीन लर्निंग और डेटा माइनिंग के प्रमुख शोधकर्ता हैं। अपनी पीएचडी के दौरान, कुलिस ने मेट्रिक लर्निंग और क्लस्टरिंग के लिए कुशल एल्गोरिदम विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया, जिसने उनके बाद के करियर की नींव रखी।
शैक्षणिक करियर
पीएचडी पूरी करने के बाद, कुलिस ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान विभाग में पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ता के रूप में शामिल हुए, जहाँ उन्होंने माइकल जॉर्डन के साथ काम किया। फिर 2011 में वे ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी चले गए, जहाँ वे कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग में सहायक प्रोफेसर थे। 2016 में, वे बोस्टन विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में शामिल हुए, जहाँ वे मशीन लर्निंग में एक शोध समूह का नेतृत्व करते हैं।
बोस्टन विश्वविद्यालय में, कुलिस मशीन लर्निंग और डेटा माइनिंग पर पाठ्यक्रम पढ़ाते हैं, और वे पीएचडी छात्रों और पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हैं। वे हरिरी इंस्टीट्यूट फॉर कंप्यूटिंग और फैकल्टी ऑफ कंप्यूटिंग एंड डेटा साइंसेज से संबद्ध हैं। उनकी शैक्षणिक सेवा में न्यूरिप्स, आईसीएमएल और सीवीपीआर जैसे प्रमुख सम्मेलनों के कार्यक्रम समितियों में शामिल होना शामिल है, और वे इनमें से कई स्थानों के लिए क्षेत्र अध्यक्ष रहे हैं।
शोध योगदान
मेट्रिक लर्निंग
कुलिस मेट्रिक लर्निंग पर अपने काम के लिए सबसे अधिक जाने जाते हैं, जिसमें के-निकटतम पड़ोसी और क्लस्टरिंग जैसे एल्गोरिदम के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए डेटा से दूरी फ़ंक्शन सीखना शामिल है। उनके शुरुआती काम ने महालनोबिस दूरी मेट्रिक्स सीखने के लिए कुशल एल्गोरिदम पेश किए, जो सकारात्मक अर्ध-निश्चित मैट्रिक्स द्वारा पैरामीटराइज़ किए जाते हैं। उन्होंने कम-रैंक सन्निकटन और स्टोकेस्टिक ऑप्टिमाइज़ेशन का उपयोग करके बड़े डेटासेट तक विस्तारित होने वाली विधियाँ विकसित कीं।
उनका प्रभावशाली पेपर, "लर्निंग लो-रैंक कर्नेल मैट्रिसेस," जो धिल्लन के साथ सह-लिखित था, ने कम-रैंक कर्नेल मैट्रिसेस सीखने के लिए एक ढाँचा प्रस्तावित किया, जिसे मेट्रिक लर्निंग का सामान्यीकरण माना जा सकता है। इस काम ने सैद्धांतिक गारंटी और व्यावहारिक एल्गोरिदम प्रदान किए जिन्हें विभिन्न अनुप्रयोगों में अपनाया गया है।
क्लस्टरिंग और स्केलेबल एल्गोरिदम
कुलिस ने क्लस्टरिंग में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है, विशेष रूप से बड़े पैमाने के डेटा के लिए स्केलेबल एल्गोरिदम विकसित करने में। उन्होंने स्पेक्ट्रल क्लस्टरिंग और इसके सन्निकटन पर काम किया, जिसमें कम्प्यूटेशनल जटिलता को कम करने के लिए निस्ट्रॉम विधियों का उपयोग शामिल है। ऑनलाइन और स्ट्रीमिंग क्लस्टरिंग पर उनके शोध ने अनुक्रमिक रूप से आने वाले डेटा को संसाधित करने की चुनौती को संबोधित किया है, जो वास्तविक समय के अनुप्रयोगों में प्रासंगिक है।
सहयोगियों के साथ, कुलिस ने सबस्पेस क्लस्टरिंग के लिए एल्गोरिदम विकसित किए, जिनका उद्देश्य डेटा बिंदुओं को समूहित करना है जो कम-आयामी सबस्पेस में स्थित हैं। इसके अनुप्रयोग मोशन सेगमेंटेशन और चेहरे की पहचान में हैं। उनका काम अक्सर सैद्धांतिक गारंटी, जैसे अभिसरण दर और सन्निकटन सीमाएँ, के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षता पर जोर देता है।
डीप लर्निंग और अनुप्रयोग
हाल ही में, कुलिस ने मेट्रिक लर्निंग और डीप लर्निंग के बीच संबंधों का पता लगाया है। उन्होंने जाँच की है कि न्यूरल नेटवर्क को समानता संबंधों को संरक्षित करने वाले एम्बेडिंग सीखने के लिए कैसे प्रशिक्षित किया जा सकता है, जो चेहरे की पहचान और छवि पुनर्प्राप्ति जैसे कार्यों के लिए उपयोगी है। उनका शोध अनुपरिवेक्षित और अर्ध-परिवेक्षित लर्निंग को भी छूता है, जहाँ लेबल किया गया डेटा दुर्लभ है।
कुलिस ने कंप्यूटर विज़न और प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण के शोधकर्ताओं के साथ सहयोग किया है, अपनी विधियों को वस्तु पहचान और दस्तावेज़ क्लस्टरिंग जैसी समस्याओं पर लागू किया है। उनके काम को राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन और अन्य एजेंसियों से अनुदान द्वारा समर्थित किया गया है।
चयनित प्रकाशन
कुलिस ने 60 से अधिक सहकर्मी-समीक्षित पेपर लिखे या सह-लिखे हैं। उनके कुछ सबसे अधिक उद्धृत कार्यों में शामिल हैं:
- "लर्निंग लो-रैंक कर्नेल मैट्रिसेस" (2006, इंद्रजीत धिल्लन के साथ)
- "मेट्रिक लर्निंग: ए सर्वे" (2012, क्षेत्र की समीक्षा के साथ)
- "स्केलेबल क्लस्टरिंग: एल्गोरिदम और अनुप्रयोग" (2013, सहयोगियों के साथ)
- "डीप मेट्रिक लर्निंग: ए सर्वे" (2019, सह-लेखकों के साथ)
उनके पेपर जर्नल ऑफ मशीन लर्निंग रिसर्च और आईईईई ट्रांजेक्शन्स ऑन पैटर्न एनालिसिस एंड मशीन इंटेलिजेंस जैसी पत्रिकाओं के साथ-साथ न्यूरिप्स, आईसीएमएल और सीवीपीआर की कार्यवाही में प्रकाशित हुए हैं।
पुरस्कार और सम्मान
कुलिस को उनके शोध और शिक्षण के लिए कई पुरस्कार मिले हैं। वे 2014 में राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन करियर पुरस्कार के प्राप्तकर्ता थे, जो प्रारंभिक-करियर संकाय का समर्थन करता है। उन्हें सम्मेलनों में सर्वश्रेष्ठ पेपर पुरस्कार या नामांकन से भी सम्मानित किया गया है, जिसमें अनिश्चितता में कृत्रिम बुद्धिमत्ता सम्मेलन में एक उल्लेखनीय पेपर शामिल है। 2020 में, उन्हें एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एएएआई) का वरिष्ठ सदस्य नामित किया गया था।
उद्योग अनुभव
अपनी शैक्षणिक भूमिका के अलावा, कुलिस ने उद्योग में भी काम किया है। वे 2017 से गूगल में रिसर्च साइंटिस्ट हैं, जहाँ वे बड़े पैमाने के सिस्टम से संबंधित मशीन लर्निंग समस्याओं पर काम करते हैं। यह भूमिका उन्हें अपने शोध को वास्तविक दुनिया के उत्पादों पर लागू करने और इंजीनियरों के साथ सहयोग करने की अनुमति देती है। उनके उद्योग कार्य में क्लस्टरिंग और समानता खोज पर परियोजनाएँ शामिल हैं, जो खोज और अनुशंसा प्रणालियों के लिए प्रासंगिक हैं।
शिक्षण और मार्गदर्शन
कुलिस शिक्षण और मार्गदर्शन के प्रति अपने समर्पण के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने मशीन लर्निंग पर स्नातकोत्तर-स्तरीय पाठ्यक्रम विकसित किए हैं जो सिद्धांत और व्यवहार दोनों पर जोर देते हैं। उन्होंने कई पीएचडी छात्रों का पर्यवेक्षण किया है जो शैक्षणिक और उद्योग पदों पर गए हैं। उनकी मार्गदर्शन शैली छात्रों को चुनौतीपूर्ण समस्याओं से निपटने और अपने निष्कर्षों को स्पष्ट रूप से संप्रेषित करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
प्रभाव और विरासत
ब्रायन कुलिस के काम का मशीन लर्निंग के क्षेत्र पर स्थायी प्रभाव पड़ा है। मेट्रिक लर्निंग पर उनके शोध ने कई बाद के विकासों के लिए एक आधार प्रदान किया है, और उनके स्केलेबल एल्गोरिदम विभिन्न डोमेन में उपयोग किए गए हैं। उन्हें अक्सर सम्मेलनों और कार्यशालाओं में व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया जाता है, और अनुपरिवेक्षित लर्निंग और ऑप्टिमाइज़ेशन से संबंधित विषयों पर उनकी राय मांगी जाती है।
2020 के दशक के मध्य तक, कुलिस एक सक्रिय शोधकर्ता बने हुए हैं, नए काम प्रकाशित कर रहे हैं और संस्थानों के सहयोगियों के साथ सहयोग कर रहे हैं। उनके योगदान ने मशीन लर्निंग मॉडल के डेटा से सीखने के तरीके को आकार देने में मदद की है, विशेष रूप से जब लेबल किए गए उदाहरण सीमित होते हैं।
यह भी देखें
- मशीन लर्निंग
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता
- डीप लर्निंग
- न्यूरल नेटवर्क
- क्लस्टरिंग (सूची में नहीं, लेकिन संबंधित)
संदर्भ
यह लेख ब्रायन कुलिस के करियर और प्रकाशनों के बारे में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। उनके जीवन और कार्य के बारे में विशिष्ट विवरण उनके शैक्षणिक प्रोफ़ाइल और शोध पत्रों से लिए गए हैं।